गजल
मतला -
खून-ए-जिगर वाले क्या जाने क्या होता हैजुल्फ सब्र-तलक का असर क्या होता है
अशआर - 1
मुश्ताक यह नहीं की साथ नहीं मेरे रकीब
मौजे रंग द्श्ते गम वाले क्या जाने शरारा क्या होता है
अशआर - 2
कोई खड़ा है कामवेग की प्रबल ख्वाहिश लिए
जो खड़ा हो समंदर में वो क्या जाने ज़लजला क्या होता है
मतका -
क्या जाने मुर्गे जल्लाद की चिड़िया कैसे बनाती घोसला
L.B. बोले AC में रहने वाले क्या जाने नीम का हवा क्या होता है
खून-ए-जिगर - मर जाना, मार दिया जाना
सब्र-तलक - सब्र मागने वाला
मुश्ताक - अभिलाषी, उत्सुक
रकीब - प्रेम का प्रतिद्वंद्वी
मौजे रंग - दुख की लहर, दुख का झोक
द्श्ते गम - धोख बियाबान
ज़लजला - भुकम्प, भुचाल, भुडोल, धरती का हिलना
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