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चाचु तूम आगे-आगे चलो।

बहुत भागने को मन करता चाचु तूम पीछे-पीछे आओ, बहुत दौड़ने को दिल करता चाचु तूम आगे-आगे चलो। बहुत सुनने को मन करता चाचु तूम कथा सुहानी कहते जाओ, आँख मूँदने को दिल करता चाचु तूम थपकी अनवरत देते जाओ। पीछे देखूँ, तुझको पाऊँ विश्वास अटूट तुझमें खोजूँ, आगे देखूँ, तुझसे सीखूँ कदम बढ़ाकर आगे जाऊँ। नभ पर तेरा चित्र खिचूँ हर सुबह जैसी तुझको पाऊँ, गंगा जल में हाथ लगाऊँ चाचु तुमको मैं उसमें पाऊँ।