भूल गए अब वो लोग
भूल गए अब वो लोग
जो कभी अपने हुआ करते थे
भूल गए वो अब सारी बातें
जो हमसे बताते थे
अपने दिलों का राज
जो कभी हमसे नहीं छुपाते थे
रूपये-पैसे का मोह उन्हें
दूर ले गया सबसे
यादें रह गई उनकी
जो संजोई थी सबने मिलके
भूल गए अब वो लोग
रिश्तों की अहमियत को
भूल गए अब वो लोग
अपनों के अपनेपन को
🙏✍️Writer L.B. MP 53✍️🙏
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